Poem on mother in hindi

Poem on maa in Hindi | Poem about Mother in Hindi | माँ पर कविता

दोस्तों आज हम इस पोस्ट में मां पर कविता हिंदी में जानेंगे यह Poem on mother in Hindi विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है। 

इस पोस्ट में आपको मां के बारे में बहुत से अलग-अलग प्रकार के कविता मिल जाएंगे जैसे की Hindi poem on pyari maa, Maa Par Kavita in Hindi, Hindi poem on maa in Hindi, Poem about Mother in Hindi.

दोस्तों एक बच्चे को उसकी मां से ज्यादा प्यार कोई दूसरा नहीं कर सकता है। बचपन से ही मां हमें चलना सिखाती है खाना खिलाती है पढ़ना सिखाती है और बहुत सारी चीजें हमारे लिए करती है। मां अपने बच्चे के लिए छोटी से छोटी चीज भी ला के देती हैं और बड़ी से बड़ी भी चीज भी ला देती हैं। मां के इस अनमोल प्यार को को सब्दो में नहीं कहा जा सकता है। इसलिए मां को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसलिए यहाँ हमने माँ पर अलग अलग कविता लिखा है। जिसे पढ़ कर आपको बहुत अच्छा लगेगा।

1. Poem on maa in Hindi

मां की ममता ईश्वर का वरदान है

सच पूछो तो मां, इंसान नहीं भगवान है

मां के चरणों में जन्नत का हर रूप होता हैं

मां में ही ईश्वर का हर स्वरूप होता है।।

मां जो हर बच्चे के दिल की चाह होती है

मुसीबतों में एक नई राह होती है

जो हर किसी के करीब नहीं होती

जो हर किसी को नसीब नहीं होती।।

मां की अहमियत उनसे पूछो जिनकी मां नहीं होती है 

जो हर बच्चे की जान होती है

जो हर एक रिश्ते का मान होती है

सभी का एकमात्र अरमान होती है।।

हर किसी को मां की ममता मिले, अपनी मां से

कभी कोई ना बिछड़े अपनी मां से

यही है मेरी एकमात्र दुआ उस खुदा से!!

2. Poem about Mother in Hindi

 मां और मां का प्यार निराला

 उसने ही है मुझे संभाला 

मेरी मम्मी बड़ी प्यारी

मेरी मम्मी बड़ी निराली

क्या मैं उनकी बात बताऊं 

सोच उन्हें कैसे मैं जान पाऊं

सुबह सवेरे मुझको उठाती

कृष्णा कह कर मुझे जगाती

जल्दी से तैयार में होता

उसके कारण स्कूल जा पाता

 स्कूल से आते ही खुश होता

जब मम्मी का चेहरा दिखता

पौष्टिक भोजन मुझे खिलाती

गृह कार्य भी पूरा करवाती

मां और मां का प्यार निराला

पर मैं करता गड़बड़ घोटाला

जब मैं करता कोई गलती

समझाने की कोशिश करती

लुटाती मुझ पर अधिक प्यार

करती मुझसे अधिक दुलार

मुझ पर गुस्सा जब है आता

2 मिनट में उड़ती जाता है

मेरी मम्मी मेरी जान

 रखती मेरा पूरा ध्यान

मां और मां का प्यार निराला

उसने ही है मुझे संभाला।।

3. माँ पर कविता

मां की ममता करुणा न्यारी

 जैसे दया की चादर

शक्ति देती नित्य हम सबको

बन अमृत की गाकर

साया बनकर साथ निभाती,

चोट ना लगने देती

पीड़ा अपने ऊपर ले लेती

सदा सदा सुख देती

मां का आंचल सब खुशियों की,

रंगा रंग फुलवारी

इस के चरणों में जन्नत है,

आनंद की किलकारी

अद्भुत मां का रूप सलोना,

बिल्कुल रब के जैसा

प्रेम के सागर सा लहराता,

इसका अपनापन ऐसा।

4. Hindi poem on pyari maa

मां के लिए कविता लिखूं या किसी कागज पर मां लिखूं

समझ नहीं आता मां तेरे लिए मैं क्या लिखूं,

तेरी आंखों में जो बेचैनी रहती है मेरी खातिर

कैसे दूर करूं उसको, मैं कैसे सुकून वहां लिखूं,।।

तेरी बलिदानों का क्या हिसाब दूं,

तेरी ममता कैसे बयान करूं

तेरी गोद में जो राहत मिलता है मैं कैसे उसका बखान करूं

तेरी राहें मेरी दुनिया है, तेरा आंचल मेरा आकाश

किन शब्दों में लिखूं तेरे साथ होने का एहसास

इन गिनी-चुनी लकीरों से मैं कैसे अपना जहां लिखूं।।

कलम उठाई, कागज निकाला

अपने हर जज्बात को शब्दों में ढाला

पर जब मैं लिखने बैठी तो लगा

कि बस मां लिखूं, बस  मां लिखूं

बस मां, मां और मां लिखूं।।

5. Maa Par Kavita in Hindi

लिख कर देखूं, तो किताब हैं मेरी,

बोल कर देखूं तो आवाज है मेरी।

हस कर देखो तो मुस्कान है मेरी,

दुख में देखूं तो साहस है मेरी।

खुद को देखूं तो परछाई है मेरी,

आईने में दिखता हुआ, प्रतिबिंब है मेरी।

शरीर में बहती हुई हर श्वास है मेरी,

छोटे से अस्तित्व की पहचान है मेरी।

जीवन की एक आश है मेरी

हांं, वो मां है, मां है, वो मां है मेरी..।

6. Hindi poem on maa in Hindi

घुटनों से रेंगते- रेंगते, 

कब पैरों पर खड़ा हुआ,

 तेरी ममता की छांव में,

 जाने कब बड़ा हुआ,

 काला टीका दूध मलाई,

 आज भी सब कुछ वैसा है,

 मैं ही मैं हूं हर जगह,

 प्यार ये तेरा कैसा है?

 सीधा – साधा भोला भाला,

 मैं ही सबसे अच्छा हूं,

 कितना भी हो जाऊं बड़ा, 

“मां!” मैं आज भी तेरा बच्चा हूं।।

7. Maa par Kavita hindi mein

मेरे सर पर भी मां की दुआओं का साया होगा,

इसलिए समुंद्र ने मुझे डूबने से बचाया होगा..

मां की आघोष में लौट आया है वो बेटा फिर से..

शायद इस दुनिया ने उसे बहुत सताया होगा..

अब उसकी मोहब्बत की कोई क्या मिसाल दे,

पेट अपना काट जब बच्चों को खिलाया होगा..

8. Poem on maa in Hindi

ऐ वक्त थोड़ा धीरे गुजर

कल ही तो सीखा था मैंने चलना

रुकता नहीं तू… ये समझना

उंगलियों को पकड़ चलता था मैं 

उस हाथ को थाम संभलता था मैं

कुछ पल ही तो गुजरे थे

जो बुने स्वेटर पहने थे

देखता हूं अब वो हाथ कभी थरथरा जाता

खोजता है जो वो कंधा, पर उसे मिल नहीं पाता है

कुछ लम्हे तुझसे चुराए थे मैंने

आंचल में कुछ सुकून के पल गुजारे थे मैंने

न जाने कहां वो पल खो गए हैं

लोग मुझे याद तो करते हैं पर कुछ भूल गए हैं

है वो आंखें बस जो राह तकती है मेरी

कोई मुझे याद रखे ना रखे, वो मां है ना मेरी

लौट के तू आता तो नहीं मगर

हो सके तो थोड़ा धीरे गुजर

ऐ वक्त… थोड़ा धीरे गुजर।।

9. Poem about Mother in Hindi

मां संवेदना है, भावना है, अहसास है

मां जीवन के फूलों में, खुशबू का वास है

मां रोते हुए बच्चे का, खुशनुमा पलना है

मां मरुस्थल में नदि या मीठा- सा झरना है

मां लोरी है, गीत है, प्यारी- सी थाप है

मां पूजा की थाली है, मंत्रों का जाप है

मां आंखों का सिसकता हुआ किनारा है

मां गालों पर पप्पी है, ममता की धारा है

मां झुलसते  दिनों में, कोयल की बोली है

मां मेहंदी है, कुमकुम है, सिंदूर है, रोली है

मां त्याग है, तपस्या है, सेवा है

मां फू़ंक से ठंडा किया कलेवा है

मां कलम है, दवात है, स्याही है

मां परमात्मा की स्वयं एक गवाही है

मां अनुष्ठान है, साधना है, जीवन का हवन है

मां जिंदगी के मोहल्ले में आत्मा का भवन है

मां चूड़ीवाले हाथों के, मजबूत कंधों का नाम है

मां कासी है, काबा है, और चारों धाम है

मां चिंता है, याद है, हिचकी है

मां बच्चे की चोट पर सिसकी है

मां चूल्हा, धूंआ, रोटी और हाथों का छाला है

मां जीवन की कड़वाहट में अमृत का प्याला है

मां पृथ्वी है, जगत है, धूरी है

मां बिना इस सृष्टि की कल्पना अधूरी है

मां का महत्व दुनिया में कम हो नहीं सकता

मां जैसा दुनिया में कुछ हो नहीं सकता

तो मैं कविता की ये पंक्तियां मां के नाम करता हूं

मैं दुनिया की सब माताओं को प्रणाम करता हूं।।

10. Maa Par Kavita in Hindi

मां तेरी वो लोरी सुनना चाहता हूं

आज मै फिर से तेरी गोद में सोना चाहता हूं

तेरे वों प्यार का एहसास करने में

आज फिर से जीना चाहता हूं

तेरी आंचल की छाया में रहकर,

दुनिया से सामना करना चाहता हूं

तेरे हाथों की रसोई खाना चाहता हूं

आज फिर से अपनी भूख मिटाना चाहता हूं

तेरे उंगलियों को पकड़कर

 आज फिर से चलना चाहता हूं

तेरा हमेशा साथ पाकर

 आज फिर से जीना चाहता हूं

तेरी वो डांट सुनकर

आज फिर से गलतियां सुधारना चाहता हूं

मां तेरी वह लोरी सुनना चाहता हूं

आज फिर से तेरी गोद में सोना चाहता हूं।।

11. Poem on maa in hindi

मां धरती है, मां ही नभ है

मां ही रब है, मां है तो सब है

कामों की गठरी कंधे पर लादे

कभी नहीं उफ्फ कहती है।

केवल जन्मे नहीं देती है

वह जीवन भी देती है

मां गंगा है, मां धैर्य है, मां गाय है

मां बच्चों की चिंताओं का 

एकमात्र उपाय है।

मां की ममता में देखो

 कितना दम है

दुनिया भर की हर उमंग

 उसके आगे कम है।

ममता की राहों में उसको

कोई बाधा झुका नहीं सकती है

संतान ममता की कीमत

चुका नहीं सकती है।

मां की सेवा कर लोगे

जो तुम सुबह और शाम

घर बैठे ही मिल जाएंगे

तुमको चारों धाम।

यहाँ पर यह Poem on maa in Hindi समाप्त होता है। अगर आपको इस पोस्ट से रिलेटेड कोई भी सवाल है तो निचे कमेंट कीजिये।

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