About Heart in Hindi

About Heart in Hindi | Information About Heart in Hindi

हृदय रोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां | हृदय रोगों को कैसे कम करें।

➡️ Facts About Heart in Hindi

✔️ एक मानव हृदय मोटे तौर पर एक बड़ी मुट्ठी के आकार का होता है।

✔️ human heart का वजन लगभग 10 से 12 औंस (280 से 340 ग्राम) पुरुषों में और 8 से 10 औंस (230 से 280 ग्राम) महिलाओं में होता है।

✔️ heart प्रति दिन लगभग 100,000 बार (जीवनकाल में लगभग 3 बिलियन ) बार धड़कता है।

 ✔️ एक teenagers का heart प्रति मिनट 60 से 80 बार धड़कता है।

 ✔️ नवजात शिशुओं के heart teenagers heart की तुलना में अधिक तेज धड़कते हैं, लगभग 70 से 190 beat प्रति मिनट।

 ✔️ heart पूरे शरीर में लगभग 6 क्वार्ट (5.7 लीटर) रक्त पंप करता है।

✔️ heart lungs के केंद्र में स्थित है, आमतौर पर थोड़ा बाएं ओर झुका होता है।

हृदय रोगों को कैसे कम करें। हृदय रोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

कम उम्र से ध्यान रखेंगे तो हृदय रोगों से होगा बचाओ।

🔶Important Information About Heart in Hindi

अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी का कहना है कि अधिक उम्र में हृदय रोग के बचाव के लिए कम उम्र से ही ध्यान रखने की जरूरत है।

➡️ 1.8  करोड़ लोगों की विश्व में मौत हृदय रोग की वजह से होती है।

➡️  2.3 करोड़ लोगों की मृत्यु की आशंका दिल की बीमारियों से 2030 में हो सकती है.

➡️  17  लाख मरीजों की प्रतिवर्ष जान जाने की आशंका भारत में 2030 तक हो सकती है।

➡️  चार में से एक की मौत भारत में कोरोनरी धमनी रोगों के कारण हो रही है।

➡️  6  करोड़ के आसपास है भारत में ह्रदय रोगों के मरीज।

हृदय रोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

🔶  हृदय में 3 हिस्से होते हैं

Heart शरीर का इंजन होता है। इसके तीन हिस्से हैं। Heart muscle जो खून पंप करता है। दूसरा electrical system जो धड़कनों को नियंत्रित करता है और तीसरी कोरोनरी आर्टरी (धमनिया) जिससे ब्लड ऑक्सीजन की आपूर्ति हर अंगों में होती है।

🔶  कैलोरी कम मात्रा में लें

Diet की मात्रा फिजिकल एक्टिविटी के अनुसार तय करें। oil ज्यादा लेने से हृदय रोग होता है। फल, सलाद, हरी सब्जियां, अनाज ज्यादा खाए और तेल – घी कम खाएं। लहसुन खाए कोलेस्ट्रॉल को ठीक रखता है, नॉनवेज खाने से बचें।

🔶 डायबिटीज से नुकसान

डायबिटीज के कारण रोगी की नर्वस डैमेज हो जाती है। इसलिए हार्ट अटैक होने पर उनके सीने में दर्द या जलन नहीं होती है। ऐसे रोगियों को ज्यादा खतरा है। 6 महीने में हृदय से संबंधित जांच कराते रहिए। बीपी और दूसरी बीमारियों को नियंत्रित रखें।

🔶  45 मिनट व्यायाम करे रोज

रोज व्यायाम करने से दिल की बीमारियों के साथ अन्य रोगो से भी बचाव मिलता है। इससे खून की नालियों में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता। रोज 45 मिनट व्यायाम जरूर करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपका शरीर मजबूत बनेगा। कम से कम आपको 30 मिनट तक चलना भी चाहिए। इससे आपकी हृदय की धड़कन सामान्य रहती हैं। 

🔶 खराब लाइफ़ स्टाइल  को बदलें, अच्छी दिनचर्या बनाएं।

95% मरीजों में हार्ट डिजीज खराब लाइफ स्टाइल से होती है। कई शोधों में पाया गया है कि 30 वर्ष की उम्र में कुछ सावधानियां बरतें तो हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं। इसके लिए अच्छी दिनचर्या रखें। समय पर सोएं तथा अच्छी और गहरी नींद ले।  जिससे आपका आप पूरा शरीर रिचार्ज हो जाए। 

🔶 खाने में तेल की भूमिका

खाने के लिए सरसों, जैतून या मूंगफली का तेल उपयोग करें। सोयाबीन का तेल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। एक बार Fry किए गए तेल का दोबारा इस्तेमाल ना करे, इस तेल का इस्तेमाल छोकने में कर सकते हैं । तेल को दोबारा गर्म करने से ट्रांस फैट बढ़ता है। यह तेल हृदय रोगों का कारण बनता है।

🔶  वजन को नियंत्रित रखें।

वजन बढ़ने से खून की नलियो पर दबाव बढ़ता है। हृदय को तब ज्यादा काम करना पड़ता है। अपने वजन को कम रखने की कोशिश करें। आपका शरीर आपके निरंतर में होगा तो आपको कोई रोग नहीं होंगे। जब आपका वजन कम होता है तब आपका शरीर दूसरे अंगों पर काम करता है। लेकिन अगर आपका वजन बहुत ही ज्यादा होता है तो आपका शरीर आपको एनर्जी देने मे ही व्यस्त रहता है।

🔶  सोने से 3 घंटे पहले डिनर  करें।

  सोने से 3-4 घंटे पहले डिनर कर ले। देरी से खाने से fat जमा होता है। इससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। 

🔶   नट्स ज्यादा खाएं

अखरोट और बादाम ज्यादा मात्रा में खाएं। इसमें फाइबर होता है। काजू कम मात्रा में खाएं। 

🔶    ह्रदय के रोगी तनाव ना ले

Alcohol लेते हैं तो छोड़ दें। तनाव वाले काम ना करें। ज्यादा स्ट्रेस ना ले।  हृदय के रोगी को ज्यादा सोचना विचारना सही नहीं होगा। उन्हें शांत माहौल में रहना चाहिए ।

➡️  हृदय से जुड़े मुख्य रोग और उनके प्रमुख लक्षण क्या है।

Heart की कुछ प्रमुख बीमारियां होती हैं। अगर इनके लक्षण के बारे में पता हो तो इनकी पहचान में आसानी होती है।

  तो चलिए जानते हैं इनके बारे में-

⚫ कोर्नरी हार्ट डिजीज:-हार्ट के संकुचन वाले संकेत कमजोर हो जाते है। चलने में सांस भरना, ज्यादा पसीना आना और छाती में दर्द होता है।

⚫ Heart failure:-  इसमें खून कम पंप होता है। पैरों में सूजन, पीठ के बल सोने से सांस लेने में दिक्कत, थकान और पेट में  दर्द होता है।

⚫ aorta disease:- यह एक महा धमनी है जो सभी अंगों को खून पहुंचाती है। यह फ़ैल जाती है। फटने पर मरीज की जान भी जा सकती है।

⚫Vascular disease:- heart में छोटी-छोटी नसें होती हैं। इसमें नसें सूज जाती है या चौड़ी हो जाती है। pulse असामान्य हो जाते हैं।

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