होली पर निबंध 300-400 शब्दों में

होली पर निबंध||दीपावली पर निबंध 300-400 शब्दों में

होली और दीपावली पर निबंध लिखे 300-400 शब्दों में l 2020 भारत में प्रति वर्ष कई त्यौहार मनाये जाते है l होली तथा दीपावली उन्हीं में से एक है l

होली पर निबंध 300-400 शब्दों  में 

होली रंगों का त्योहार है l होली फागुन महीने में आता हैl होली का त्योहार सभी हिंदुओं के मुख्य त्योहारों में से एक हैl होली  के त्यौहार में सभी अबीर, गुलाल तथा रंग का उपयोग करते हैंl होली के 1 दिन पहले होलिका दहन मनाया जाता हैl

 भारत के अलग-अलग राज्यों में होली को अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है कहीं पर फगुआ,लठमार होली, तो कहीं पर  धुलेटी  के नाम से जाना जाता है l  होली का त्यौहार केवल भारत में ही नहीं पूरे विश्व में भी मनाया जाता है l 

होली हिंदुओं का पौराणिक त्यौहार है।  यह त्यौहार कई सालों से भारतवर्ष में मनाया जाता है।  यह त्यौहार असत्य  पर सत्य की जीत का प्रतीक है ।

होली के त्योहार से जुड़ी एक पौराणिक कथा हैl हिरणकश्यप नाम का एक राजा थाl हिरण्यकश्यप का 1 पुत्र था जिसका नाम प्रहलाद था l हिरण्यकश्यप भगवान में विश्वास नहीं करता था l

लेकिन उनका पुत्र भगवान श्री हरि को बहुत मानता था l हिरण्यकश्यप स्वयं को भगवान के समान समझता था l उसे यह पसंद नहीं था कि उसके राज्य में  किसी दूसरे भगवान की पूजा की जाए l 

प्रहलाद श्रीहरि का बहुत ही बड़ा भक्त था l प्रहलाद दिनभर श्री हरि का नाम जपता  रहता था l यह बात उसके पिता को अच्छी नहीं लगी l प्रहलाद के पिता ने प्रहलाद को समझाया कि तुम श्री हरि का नाम लेना बंद कर दो l अपने पिता के बार-बार मना करने पर भी प्रहलाद श्री हरि का नाम ही लेता l

तभी हिरण्यकश्यप को क्रोध आ गया l हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को मारने के लिए कई योजनाएं बनाई l लेकिन श्री हरि की कृपा से हर बार प्रहलाद बच जाता । हिरण्यकश्यप की एक बहन थी उसका नाम होलिका था। होलिका को ऐसा वरदान मिला था कि अगर वह जलती हुई आग में  बैठ जाए तो वह नहीं जलेगी।

तभी होलिका ने अपने भाई हिनाकश्यप को सलाह दी कि मैं प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठ जाऊंगी और प्रहलाद जलकर मर जाएगा। 

प्रहलाद भगवान की कृपा से बच गया और होलीका का आग में जलकर मर गई। इसी वजह से होलिका दहन मनाया जाता है।

होली के दिन स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। बाजारों में होली के त्यौहार में अबीर, गुलाल तथा पिचकारी आदि बिकना शुरू हो जाता है। होली का त्यौहार सबसे ज्यादा बच्चों को पसंद आता है। इस दिन बच्चे अपनी पिचकारी में रंग भर कर दूसरों पर रंग  डालते हैं।

लोग होली के दिन अपने रिश्तेदारों के यहां होली का त्यौहार मनाने के लिए जाते हैं। होली खुशियों का त्योहार है। तथा होली में लोग एक दूसरे को खुशियां बांट कर अबीर, गुलाल लगाकर इस त्यौहार को आनंदपूर्वक मनाते हैं। होली में घर पर गुजिया बनाना परंपरा मानी जाती है ।

आप सभी को होली की बहुत सारी शुभकामनाएं।

दीपावली पर निबंध

दिवाली हमारे देश का मुख्य त्यौहार है। यह त्यौहार केवल हमारे भारत में ही नहीं पूरे विश्व में मनाया जाता है। दिवाली को दीप का त्यौहार माना जाता है। दिवाली का त्यौहार अक्टूबर या नवंबर महीने में आता है।

दिवाली शुरू होने से पहले ही लोग अपने घर की सफाई  करने लगते हैं। दीपावली में सभी लोग अपने घर को दीप, लाइटिंग, कैंडल आदि से सजाते हैं।

दीपावली के 1 दिन पहले धनतेरस मनाया जाता है। धनतेरस के दिन सभी लोग कुछ ना कुछ खरीददारी करते हैं। धनतेरस के दिन बहुत से लोग सोना, चांदी, बर्तन आदि खरीदते हैं। धनतेरस के दिन लक्ष्मी और गणेश की पूजा भी की जाती है। धनतेरस के दिन लोग अपने  धन की भी पूजा करते हैं। 

दीपावली के दिन घर पर अलग-अलग प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं। लोगों में मिठाइयां बांटी जाती है तथा सबको दीपावली की शुभकामनाएं दी जाती हैं। दीपावली के दिन गणेश तथा लक्ष्मी की पूजा की जाती है। दीपावली के दिन अमावस्या की रात होती है।  इसलिए रात को बहुत ही अंधेरा होता है। दीपावली के दिन सभी लोग दीप जलाकर इस अंधेरे को दूर करते हैं। 

दीपावली त्यौहार क्यों मनाया जाता है इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। ऐसा माना जाता है जिस दिन श्रीराम भगवान 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे उस दिन अयोध्यावासी ने श्री राम के लौटने की खुशी में पूरे अयोध्या में दीपक जलाकर मिठाइयां बांटकर लोगों ने खुशियां मनाई थी। तब से लेकर आज तक दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है।  श्री राम भगवान ने रावण को हराकर अयोध्या वापस लौटे थे। इसलिए यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का भी प्रतीक है।

दीपावली में बच्चे  फुलझड़ी फटाके जलाते हैं। दीपावली में सबसे ज्यादा मजा बच्चों को ही आता है क्योंकि वे नए नए कपड़े पहन कर अपने दोस्तों के साथ पटाखे फोड़ते हैं तथा मिठाइयां खाते हैं। दीपावली के दिन बच्चों को ज्यादा छूट होती है इसलिए बच्चे आनंदपूर्वक दीपावली के त्योहार को मनाते हैं।

दीपावली के दूसरे दिन छोटी दीपावली मनाई जाती है। दीपावली के दूसरे दिन गुजरात तथा महाराष्ट्र में नया वर्ष मनाया जाता है।  दीपावली का दूसरा दिन गुजरात और महाराष्ट्र में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दूसरे को नए वर्ष की शुभकामनाएं देते है। एक दूसरे के घर पर मिलने जाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं।

दीपावली का त्यौहार हर किसी के लिए खास होता है। दीपावली के त्यौहार में लोगों को बहुत ही मजा आता है। रात में बहुत ही ज्यादा मजा आता है क्योंकि रात में आपको आकाश रंग-बिरंगे दिखाई देते हैं। 

भारत के अलग-अलग राज्यों में दीपावली के त्यौहार को अलग-अलग तरीकों से मनाते हैं।

आपको भी दीपावली की शुभकामनाएं

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