vilom sabd in hindi

List of Vilom shabd in hindi | 1000+ विलोम शब्द, विरोधार्थी शब्द जाने

विलोम शब्द क्या है ? = शब्द जो क्रम, मान्यता आदि के विचार से किसी के विरुद्ध या दूसरे पक्ष में पड़ता हो , जिसका अर्थ किसी शब्द के अर्थ के विपरीत हो वह विलोम शब्द (vilom shabd in hindi) कहलाता है।

vilom shabd in hindi का इस्तेमाल बहुत से वाक्यों में किया जाता है। कही तो बिना विलोम शब्द के वाक्य पूरा ही नहीं होता है। विलोम सब्द किसी भी शब्द का विपरीत शब्द अर्थ देता है जैसे की ऊपर x निचे , अपना x पराया , कम x ज्यादा आदि।

इस पोस्ट में हमने 1000+ vilom shabd in hindi दिए है जिसे आप नोट कर सकते है। यह vilom shabd in Hindi विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है।

Vilom shabd in hindi

उदहारण :-

-> समुद्र में पानी बहुत ज्यादा है।
-> तालाब में पानी कम है।
-> यह घर बड़ा है।
-> यह छोटा है।

vilom sabd in hindi

Lists of Vilom shabd in hindi

शब्दविलोम
ज्ञानxअज्ञान
क्षमाxदण्ड
शत्रुxमित्र
शुभxअशुभ
शोषकxपोषक
स्वीकृतxअस्वीकृत
हितxअहित
हिंसाxअहिंसा
सन्तोषxअसन्तोष
क्षमाxक्रोध
सक्षमxअक्षम
सुलभxदुर्लभ
विजयxपराजय
विश्वासxअविश्वास
स्वार्थxनिस्वार्थ
सुमतिxकुमति
सुपुत्रxकुपुत्र
वरदानxअभिशाप
वियोगxसंयोग
मानवxदानव
मृतxजीवित
वीरxकायर
रात्रिxदिवस
राजाxरंक
लाभxहानि
रातxदिन
रिक्तxपूर्ण
मानxअपमान
अमृतxविष
अन्धकारxप्रकाश
अनुरागxविराग
अपमानxसम्मान
अनुकूलx        प्रतिकूल
अल्पxअधिक
आशाxनिराशा
अस्तxउदय
अभिमानxनम्रता
उदघाटनxसमापन
उत्तरxदक्षिण
उच्चxनिम्र
उधारxनकद
एकाग्रxचंचल
ऐसाxवैसा
औपचारिकxअनौपचारिक
कठिनxसरल
क्रूरxअक्रूर
कपूतxसपूत
एकxअनेक
आहारxनिराहार
आमिषxनिरामिष
आजादीxगुलामी
आर्द्रxशुष्क
अनिवार्यxवैकल्पिक
अगमxसुगम
आकाशxपाताल
अनुग्रहxविग्रह
आश्रितxनिराश्रित
अरुचिxरुचि
आदानxप्रदान
आयxव्यय
कसूरवारxबेकसूर
क्रियाxप्रतिक्रिया
कड़वाxमीठा
क्रयxविक्रय
कीर्तिxअपकीर्ति
करुणxनिष्ठुर
क्रूरxअक्रूर
कर्मण्यxअकर्मण्य
गुरुxशिष्य
गर्मीxसर्दी
घृणाxप्रेम
गीलाxसूखा
गृहस्थxसंन्यासी
आगामीxगत
अनुजxअग्रज
अधिकxन्यून
आलस्यxस्फूर्ति
अपेक्षाxनगद
आदर्शxयथार्थ
गरीबxअमीर
गगनxपृथ्वी
कृष्णxशुक्ल
कलंकxनिष्कलंक
कर्कशxसुशील
कटुxमधुर
कृतज्ञxकृतघ्न
क्रुद्धxशान्त
कर्मxनिष्कर्म
कठोरxकोमल
कनिष्ठxज्येष्ठ
कुटिलxसरल
कृपणxदाता
कलुषxनिष्कलुष
कनिष्ठxज्येष्ठ
आश्रितxनिराश्रित
आवृतxअनावृत
आकुंचनxप्रसारण
अकामxसुकाम
अर्पणxग्रहण
अतिxअल्प
अनित्यxनित्य
अज्ञxविज्ञ
अकालxसुकाल
अनैक्यxऐक्य
अचरxचर
आवश्यकxअनावश्यक
आदिxअनादि
अथxइति
अपनाxपराया
अवनतxउन्न्त
अदेयxदेय
आग्रहीxदुराग्रही
आकर्षणxविकर्षण
आच्छादितxअनाच्छादित
आगमxलोप
आदिष्टxनिषिद्ध
अथxइति
अपनाxपराया
अवनतxउन्न्त
अदेयxदेय
आग्रहीxदुराग्रही
आकर्षणxविकर्षण
आच्छादितxअनाच्छादित
आगमxलोप
अथxइति
अपनाxपराया
अवनतxउन्न्त
अदेयxदेय
आग्रहीxदुराग्रही
आकर्षणxविकर्षण
आच्छादितxअनाच्छादित
आगमxलोप
आग्रहीxदुराग्रही
आकर्षणxविकर्षण
आच्छादितxअनाच्छादित
आगमxलोप
आदिष्टxनिषिद्ध
उत्तरायणxदक्षिणायन
उर्ध्वxअधो
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उपमेयxअनुपमेय
उपायxनिरुपाय
उत्तमxअधम
उपसर्गxप्रत्यय
ऊँचxनीच
उदारxअनुदार
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उत्थानxपतन
उपायxनिरुपाय
उत्तमxअधम
उपसर्गxप्रत्यय
ऊँचxनीच
उदारxअनुदार
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उत्थानxपतन
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उपमेयxअनुपमेय
उपायxनिरुपाय
उत्तमxअधम
उपसर्गxप्रत्यय
ऊँचxनीच
उदारxअनुदार
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उत्थानxपतन
अकामxसुकाम
अर्पणxग्रहण
अतिxअल्प
अनित्यxनित्य
अज्ञxविज्ञ
अकालxसुकाल
अनैक्यxऐक्य
अचरxचर
आवश्यकxअनावश्यक
आदिxअनादि
अथxइति
अपनाxपराया
अवनतxउन्न्त
अदेयxदेय
आग्रहीxदुराग्रही
आकर्षणxविकर्षण
आच्छादितxअनाच्छादित
उपायxनिरुपाय
उत्तमxअधम
उपसर्गxप्रत्यय
ऊँचxनीच
उदारxअनुदार
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उत्थानxपतन
कुरूपxसुरूप
कायरxनिडर
कृत्रिमxप्रकृत
कोपxकृपा
कृष्णxशुक्ल
ऐश्वर्यxअनैश्वर्य
ऐक्यxअनैक्य
कुकृतिxसुकृत्य
कुख्यातxविख्यात
कपूतxसपूत
कुसुमxवज्र
कदाचारxसदाचार
अवनतिxउन्नति
कुसुमxवज्र
कदाचारxसदाचार
अवनतिxउन्नति
आयातxनिर्यात
आलस्यxस्फूर्ति
अमावस्याxपूर्णिमा
अनुलोमxप्रतिलोम
अमरxमर्त्य
अल्पसंख्यकxबहुसंख्यक
आधुनिकxप्राचीन
आचारxअनाचार
आकीर्णxविकीर्ण
आसक्तxअनासक्त
अतिथिxआतिथेय
आनाxजाना
अदोषxसदोष
अनुरक्तिxविरक्ति
अवनिxअम्बर
अतुकान्तxतुकान्त
अधःxउपरि
अनुग्रहxविग्रह
अर्जनxवर्जन
अधमxउत्तम
कर्मठxअकर्ममण्य
बन्धनxमुक्ति
बाह्यxअभ्यन्तर
बलवान्xबलहीन
बैरxप्रीति
बद्धxमुक्त
बुराxअच्छा
भोगीxयोगी
भद्रxअभद्र
भयxनिर्भय
भूलोकxद्युलोक
भोग्यxअभोग्य
भिखारीxदाता
बढ़ियाxघटिया
बदxनेक
बाढ़ग्रस्तxसूखाग्रस्त
भूतxभविष्य
भौतिकxआध्यात्मिक
भावxअभाव
मौखिकxलिखित
मंगलxअमंगल
मूकxवाचाल
मीठाxकड़ुवा
मालिकxनौकर
मनुजxदनुज
माताxपिता
मूकxवाचाल
मेहनतीxआलसी
महात्माxदुरात्मा
मित्रxशत्रु
मिथ्याxसत्य
मोक्षxबंधन
मितव्ययxअपव्यय
मसृणxअमानवीय
मृदुलxरुक्ष
मलिनxनिर्मल
मर्त्यxअमर
मानकxअमानक
मरणxजीवन
रामxरावण
रुग्णxस्वस्थ
लौकिकxअलौकिक
लुप्तxव्यक्त
रंगीनxबेरंग
लघुxगुरु
लिप्तxअलिप्त
लायकxनालायक
लिखितxअलिखित
लौहxस्वर्ण
विनीतxउद्धत
विशिष्ठxसाधारण
विस्तृतxसंक्षिप्त
विषादxआहद
विशुद्धxदूषित
विद्वानxमूर्ख
विशिष्टxसाधारण
विशेषxसामान्य
वृद्धिxह्रास
वैतनिकxअवैतनिक
व्यस्तxअव्यस्त
विपत्तिxसम्पत्ति
वक्रxसरल
वियोगxमिलन
वरदानxअभिशाप
विरतxनिरत
वैमनस्यxसौमनस्य
विक्रयxक्रय
व्यासxसमास
विसर्जनxअहान
सुखxदुःख
सुन्दरxअसुंदर
शिक्षितxअशिक्षित
सदाचारxदुराचार
सफलxविफल
स्वजातिxविजाति
सार्थकxनिरर्थक
सुकर्मxकुकर्म
सुरxअसुर
सरसxनीरस
सुगंधxदुर्गन्ध
सक्रियxनिष्क्रय
सज्जनxदुर्जन
सावधानxअसावधान
संधिxविच्छेद
विकर्षxआकर्ष
विशेषxसामान्य
विनाशxनिर्माण
विसर्जनxसर्जन
सजीवxनिर्जीव
संक्षेपxविस्तार
सौभाग्यxदुर्भाग्य
सगुणxनिर्गुण
सफलxअसफल
स्तुतिxनिन्द
सशंकxनिश्शंक
सुधाxगर्ल
संन्यासीxगृहस्थ
सौभाग्यxदुर्भाग्य
सबलxदुर्बल
सहयोगीxप्रतियोगी
संयोगxवियोग
सकामxनिष्काम
सुलभxदुर्लभ
साधुxअसाधु
सुपुत्रxकुपुत्र
सरसxनीरस
साकारxनिराकार
समष्टिxव्यष्टि
समूलxनिर्मल
सदाशयxदुराशय
स्वल्पायुxचिरायु
सुपरिणामxदुष्परिणाम
सौम्यxअसौम्य
सुशीलxदुःशील
स्वामीxसेवक
सभ्यxअसभ्य
सभयxनिर्भय
सुकालxअकाल
सुबहxशाम
स्मरणxविस्मरण
स्वदेशीxपरदेशी
विषमxसम
विवादxनिर्विवाद
विस्तृतxसंक्षिप्त
बहिष्कारxस्वीकार
विमुखxसम्मुख
विशालकायxक्षीणकाय
वृहतxलघु
व्यवहारिकxअव्यावहारिक
वृष्टिxअनावृष्टि
विशिष्टxसामान्य
विधिxनिषेध
विपन्नxसम्पन्न
वृद्धxतरुण
संतोषxअसंतोष
सबलxनिर्बल
स्वस्थxअस्वस्थ
सरलxकठिन
स्वदेशxविदेश
संजीवxनिर्जीव
समxविषम
सजलxनिर्जल
सम्मुखxविमुख
सकर्मxनिष्कर्म
सगुणxनिर्गुण
विकासxह्रास
विषxअमृत
विकीर्णxसंकीर्ण
व्यस्तxअकर्मण्य
विधवाxसधवा
विश्लेषणxसंश्लेषण
वैतनिकxअवैतनिक
वनxमरु
व्यर्थxअव्यर्थ
विपदxसम्पद
व्ययxआय
विख्यातxकुख्यात
वन्यxपालित
वियोगxसंयोग
वक्रxऋजु
विशालकायxलघुकाय
सनाथxअनाथ
स्वतन्त्राxपरतन्त्रा
सम्मानxअपमान
साकारxनिराकार
सुपथxकुपथ
स्मरणxविस्मरण
पवित्रxअपवित्र
प्रश्नxउत्तर
परतंत्रxस्वतंत्र
पूर्वxअपूर्व
प्रकाशxअंधकार
पक्षxविपक्ष
प्रारम्भिकxअन्तिम
परार्थxस्वार्थ
पूर्ववर्तीxपरवर्ती
पुरुषxकोमल
प्रवृत्तिxनिवृत्ति
संकल्पxविकल्प
स्वधर्मxविधर्म
संघटनxविघटन
सत्कर्मxदुष्कर्म
संकीर्णिxविस्तीर्ण
समासxव्यास
सुसंसगतिxकुसंगति
सखाxशत्रु
सुगमxदुर्गम
स्थूलxसूक्ष्म
सृष्टिxप्रलय
स्थिरxचंचल
सत्कारxतिरस्कार
सापेक्षxनिरपेक्ष
सादरxनिरादर
सदयxनिर्दय
संकोचxअसंकोच
सुदूरxअदूर
सामान्यxविशिष्ट
सविकारxनिर्विकार
स्वप्नxजागरण
संगतxअसंगत
श्रद्धाxघृणा
स्वर्गxनरक
स्वदेशxविदेश
स्तुतिxनिंदा
शिवxअशिव
शरणxअशरण
षंडxमर्द
ह्स्वxदीर्घ
हर्षxशोक
हँसनाxरोना
क्षरxअक्षर
क्षुद्रxविशाल
दूषितxस्वच्छ
दक्षिणxवाम
दिनxरात
दुराचारीxसदाचारी
दासxस्वामी
दानीxकंजूस
दुर्जनxसज्जन
दुर्दान्तxशांत
दुर्गन्धxसुगन्ध
दीर्घकायxकृशकाय
दक्षिणxवाम
दुर्बलxसबल
दुराशयxसदाशय
दिवाxरात्रि
दुःशीलxसुशील
शीतxउष्ण
शुष्कxआर्द्र
शुक्लxकृष्ण
शासकxशासित
श्रव्यxदृश्य
श्लीलxअश्लील
शकुनxअपशकुन
श्र्वेतxश्याम
शयनxजागरण
शान्तिxक्रान्ति
श्रीगणेशxइतिश्री
श्यामाxगौरी
पण्डितxमुर्ख
प्रमुखxसामान्य
प्रशंसाxनिन्दा
पुरस्कारxदण्ड
परमार्थxस्वार्थ
प्रधानxगौण
प्राचीनxनवीन
पुष्टxअपुष्ट
पूर्णताxअपूर्णता
पठितxअपठित
प्रसादxविषाद
परमार्थxस्वार्थ
पतनxउत्थान
प्रज्ञxमूढ़
पानीxआग
स्वाधीनxपराधीन
शुक्लxकृष्ण
श्वेतxश्याम
शासकxशासित
षंडत्वxपुंसत्व
पूर्ववतxनूतनवत
प्रजाxराजा
पराजयxजय
पवित्रxअपवित्र
प्रतिकूलxअनुकूल
प्रकटxगुप्त
पूर्वxउत्तर
पूर्णxअपूर्ण
पतनोन्मुखxविकासोन्मुख
प्राचीxप्रतीची
फायदाxनुकसान
फूलनाxमुरझाना
प्राकृतिकxकृत्रिम
परिश्रमxविश्राम
प्रयोगxअप्रयोग
पाश्चात्यxपौर्वात्य
पुण्यxपाप
पात्रxकुपात्र
परायाxअपना
प्रशंसाxनिंदा
पुरातनxनवीन
परार्थxस्वार्थ
पुरुषxस्त्री
पताxखोज
प्रख्यातxअख्यात
प्रलयxसृष्टि
पालकxसंहारक
पूर्णिमाxअमावस्या
परकीयxस्वकीय
प्रमुखxगौण
फूटxमेल
फलxनिष्फल
निर्माणxविनाश
निरक्षरxसाक्षर
निन्दाxस्तुति
निर्मलxमलिन
निर्लज्जxसलज्ज
नगरxग्राम
निष्कामxसकाम
नखxशिख
निद्राxजागरण
निश्छलxछली
निषेधxविधि
नरxनारी
नगदxउधार
निर्गुणxसगुन
न्यायxअन्याय
निरर्थकxसार्थक
नैतिकxअनैतिक
नयाxपुराना
नश्वरxशाश्वत
निन्दाxस्तुति
निडरxकायर
निकटxदूर
न्यूनxअधिक
नागरिकxग्रामीण
निरामिषxसामिष
निर्दोषxसदोष
निर्दयxसदय
निन्द्यxवन्द्य
निषिद्धxविहित
निराकारxसाकार
नमक हरामxनमक हलाल
निश्चेष्टxसचेष्ट
नैसर्गिकxकृत्रिम
नीरसxसरस
निर्जीवxसजीव
नामxअनाम
नेकxबद
निराशाxआशा
नित्यxअनित्य
निर्दोषxसदोष
निरक्षरxसाक्षर
नरकxस्वर्ग
नकलxअसल
नकरात्मकxसकरात्मक
दीर्घकायxकृशकाय
दुर्बलxसबल
दाताxयाचक
देवxदानव
दुष्टxसज्जन
दोषीxनिर्दोषी
दुरुप्रयोगxसदुप्रयोग
दयालुxनिर्दय
दानवxदेव
दिनxरात
दाताxसूम
दृढxविचलित
दूषितxस्वच्छ
देयxअदेय
दृश्यxअदृश्य
दोषxगुण
तमxआलोक
तुच्छxमहान्
तामसिकxसात्त्विक
तरलxठोस
तारीफxशिकायत
तृषाxतृप्ति
तिक्तxमधुर
त्याज्यxग्राह्य
तृप्तxअतृप्त
थोड़ाxबहुत
तीव्रxमन्द
तिमिरxप्रकाश
तुकान्तxअतुकान्त
तानाxभरनी
तरुणxवृद्ध
तृष्णाxवितृष्णा
तीक्ष्णxकुंठित
तुलxअतुल
थलचरxजलचर
थोकxफुटकर
जटिलxसरस
जन्मxमृत्यु
जागरणxनिद्रा
जलxस्थल
जातीयxविजातीय
जल्दxदेर
जागृतिxसुषुप्ति
जेयxअजेय
जवानीxबुढ़ापा
जाड़ाxगर्मी
जातिxकुजाति
झोपड़ीxमहल
अथxइति
अल्पायुxदीर्घायु
आदिxअंत
आग्रहxदुराग्रह
आकर्षणxविकर्षण
आदानxप्रदान
अर्थxअनर्थ
अतिवृष्टिxअनावृष्टि
आयxव्यय
आविर्भावxतिरोभाव
अभिज्ञxअनभिज्ञ
जंगमxस्थावर
जयxपराजय
ज्येष्ठxकनिष्ठ
ज्योतिxतम
जीवितxमृत
ज्वारxभाटा
ज्योतिर्मयxतमोमय
जोड़xघटाव
जीतxहार
जाग्रतxसुषुप्त
जंगमxस्थावर
झूठxसच
आचारxअनाचार
आदानxप्रदान
आकाशxपाताल
आकीर्णxविकीर्ण
आसक्तxअनासक्त
अतिथिxआतिथेय
आनाxजाना
अदोषxसदोष
अनुरक्तिxविरक्ति
अस्वस्थxस्वस्थ
अवनिxअम्बर
अतुकान्तxतुकान्त
अधःxउपरि
अनुग्रहxविग्रह
अर्जनxवर्जन
अधमxउत्तम
आलस्यxस्फूर्ति
अच्छाxसाफ
अजीबxअनोखा
अनुमति देनाxमना करना
अस्तxउदय
अनुरक्तिxविरक्ति
अग़्निxजल
आधुनिकxबहुसंख्यक
आगामीxविगत
आत्माxपपरमात्मा
आयातxनिर्यात
आग्रहxअनाग्रह
आधारxआधेय
आभ्यन्तरxबाह्म
आदत्तxप्रदत्त
आहानxविसर्जन
अनाथxसनाथ
अरागxसुराग
अमृतxविष
अभिमानxनम्रता
आशाxनिराशा
अपमानxसम्मान
अनुजxअग्रज
आदिxअंत
आरंभxअंत
अर्वाचीनxप्राचीन
आदरxअनादर
अनुपस्थितxउपस्थित
अतिवृष्टिxअनावृष्टि
अपेक्षाxउपेक्षा
अंगीकारxअस्वीकार
अघxअनघ
अर्थीxप्रत्यर्थी
अंतxअनंत
अर्वाचीनxप्राचीन
आधुनिकxप्राचीन
आगतxअनागत
आरोहxअवरोह
आस्थाxअनास्था
अन्तर्द्वन्द्वxबहिर्द्वन्द्ध
अनेकxएक
अजेयxजेय
आशाxनिराशा
आतुरxअनातुर
आधारxनिराधार
आभ्यन्तरxबाह्रय
आगामीxविगत
आलोकxअंधकार
आगामीxगत
अनुजxअग्रज
अधिकxन्यून
आलस्यxस्फूर्ति
अन्तरंगxबहिरंग
अवनतिxउन्नति
अनेकताxएकता
अतलxवितल
अंतर्मुखीxवहिर्मुखी
अभिज्ञxअनभिज्ञ
अगलाxपिछला
अनाहूतxआहूत
अत्यधिकxअत्यल्प
अधुनातनxपुरातन
अर्पितxगृहीत
आर्द्रxशुष्क
अनिवार्यxवैकल्पिक
अगमxसुगम
आकाशxपाताल
अनुग्रहxविग्रह
आश्रितxनिराश्रित
अरुचिxरुचि
आदानxप्रदान
आयxव्यय
अवनतिxउन्नति
आयातxनिर्यात
आलस्यxस्फूर्ति
आस्तिकxनास्तिक
आदर्शxयथार्थ
अच्छाxसुन्दर
अक्सरxकभी कभार
अमावस्याxपूर्णिमा
अनुलोमxप्रतिलोम
अमरxमर्त्य
अल्पसंख्यकxबहुसंख्यक
आधुनिकxप्राचीन
अपेक्षाxनगद
आदर्शxयथार्थ
आहारxनिराहार
आमिषxनिरामिष
आजादीxगुलामी
अज्ञxविज्ञ
अकालxसुकाल
अनैक्यxऐक्य
अचरxचर
आवश्यकxअनावश्यक
आदिxअनादि
आश्रितxनिराश्रित
आवृतxअनावृत
आकुंचनxप्रसारण
अकामxसुकाम
अर्पणxग्रहण
अतिxअल्प
अनित्यxनित्य
अधिकारीxअनाधिकारी
अश्रुxहास
अग्रxपश्च
अथxइति
अपनाxपराया
अवनतxउन्न्त
अदेयxदेय
आग्रहीxदुराग्रही
आकर्षणxविकर्षण
आच्छादितxअनाच्छादित
आगमxलोप
आदिष्टxनिषिद्ध
ईश्वरxजीव
इहलोकxपरलोक
इसकाxउसका
इकट्ठाxअलग
ईदxमुहर्रम
इच्छितxअनिच्छित
इतिxअथ
ईषतxअलम
ईशxअनीश
चिन्मयxजड़
चीरxसाधु
चेतनxअचेतन
चंचलxस्थिर
चिरxअचिर
छलीxनिश्छल
चोरxसाधु
चलxअचल
चिरन्तनxनश्वर
चढावxउतार
चतुरxमूढ़
छाँहxधूप
छूतxअछूत
औचित्यxअनौचित्य
औपन्यासिकxअनौपन्यासिक
हासxरुदन
क्षम्यxअक्षम्य
क्षणिकxशाश्वत
क्षुद्रxमहत
कुरूपxसुरूप
कायरxनिडर
कृत्रिमxप्रकृत
कोपxकृपा
कृष्णxशुक्ल
अधिकारीxअनाधिकारी
अश्रुxहास
अग्रxपश्च
अथxइति
अपनाxपराया
अवनतxउन्न्त
अदेयxदेय
आग्रहीxदुराग्रही
आकर्षणxविकर्षण
आच्छादितxअनाच्छादित
आगमxलोप
आदिष्टxनिषिद्ध
उत्तरायणxदक्षिणायन
उऋणxऋण
उद्यमxनिरुद्यम
उर्ध्वxअधो
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उपमेयxअनुपमेय
उपायxनिरुपाय
उत्तमxअधम
उपसर्गxप्रत्यय
ऊँचxनीच
उदारxअनुदार
उत्तीर्णxअनुत्तीर्ण
उत्थानxपतन
हारxजीत
उर्वरxऊसर
उपसर्गxप्रत्यय
उत्कृष्टxनिकृष्ट
उत्कर्षxअपकर्ष
उद्यमीxनिरुद्यम
उन्नतिxअवनति
उन्मीलनxनिमीलन
उर्ध्वxनिम्न
उन्मुखxविमुख
उपस्थितxअनुपस्थित
ऊपरxनीचे
उपचारxअपचार
उपमाxअनुपमा
उपयोगxदुरूपयोग
उग्रxसौम्य
उर्ध्वगामीxअधोगामी
उपकारxअपकार
उदयxअस्त
उधारxनकद
उत्कर्षxअपकर्ष
उद्यमीxआलसी
उत्तमxअधम
उदारxकृपण
उपयोगxदुरूपयोग
उत्साहxनिरुसाह
उपयुक्तxअनुपयुक्त
उद्धतxविनीत
उत्तरायणxदक्षिणायन
उपभुक्तxअनुपभुक्त
एकलxबहुल
ऐश्वर्यxअनैश्वर्य
ऐक्यxअनैक्य
कुकृतिxसुकृत्य
कुख्यातxविख्यात
कपूतxसपूत
आस्तिकxनास्तिक
आदर्शxयथार्थ
अच्छाxसुन्दर
अक्सरxकभी कभार
एकताxअनेकता
v

Conclusion : vilom shabd in hindi में अपने देखा की किस प्रकार एक शब्द का विपरीत अर्थ होता है। विपरीत अर्थ का उपयोग जब दो चीजों के बिच में कोई अंतर बताना होता है तब इस्तेमाल किया जाता है।

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